Wednesday, December 29, 2010

दिल्ली का एक अस्पताल ऐसा भी…

स्टीम बाथ—-25 रुपये,

एनिमा——25 रुपये

एक्यूप्रेशर—–10 रुपये,

योग—–10 रुपये/सप्ताह

बॉडी मसाज—50 रुपये,

स्पाइन मसाज—20 रुपये

फादर ऑफ मेडिसिन हिप्पोक्रेट्‌स ने कहा है कि एक बीमार आदमी को प्रकृति ठीक करती है न कि एक डॉक्टर. आज हालात ठीक इसके उलट हैं. आज इंसान प्रकृति से दूर हो गया है. डॉक्टरों की संख्या और दवाइयों की खोज तो बढ़ती गई, लेकिन उसी अनुपात में बीमारियां भी बढ़ती जा रही हैं. प्राकृतिक चिकित्सा इतनी सस्ती है कि इसका लाभ ग़रीब से ग़रीब आदमी भी उठा सकता है. गांधी जी का मानना था कि प्राकृतिक चिकित्सा का ज़्यादा से ज़्यादा प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए. गांधी जी के उसी सपने को आज दिल्ली का सेवक राम नेचुरोपैथी सेंटर पूरा कर रहा है. 1921 में लाला लाजपतराय ने लाहौर में लोक सेवा मंडल की नींव रखी थी, जिसका उद्घाटन गांधी जी ने किया था. बाद में इसे दिल्ली ले आया गया. इसी लोक सेवा मंडल परिसर में सेवक राम नेचुरोपैथी सेंटर 1983 से लोकसेवा में जुटा है. नेचुरोपैथी सेंटर को देखने के बाद यह कहना पड़ता है कि दिल्ली जैसे शहर में इससे सस्ता और कारगर इलाज कहीं और उपलब्ध नहीं हो सकता. यह सेंटर अपने आप में एक पूर्ण अस्पताल है. सेंटर के एचओडी डॉ. एस एन यादव बताते हैं कि हम यहां नो प्रॉफिट-नो लॉस के आधार पर काम करते हैं. हम यहां किसी भी थेरेपी के लिए अधिकतम 50 से 60 रुपये लेते हैं. हमारे पास बहुत सारे लोकसेवक (वालंटियर्स) हैं, जो बिना कोई पैसा लिए काम करते हैं, बीमार लोगों का इलाज करते हैं. इस सेंटर में स्टीम, बाथ, स्पाइन मसाज, मड बाथ, एनिमा एवं एक्यूप्रेशर बॉडी मसाज की सुविधा है. इस सबके लिए आपको सिर्फ 20 से 50 रुपये तक का खर्च उठाना है

सेवक राम नेचुरोपैथी सेंटर

लाजपत भवन, लाजपत नगर-4, नई दिल्ली-110024

2 comments:

Harman said...

nice post..
Please visit my blog..

Lyrics Mantra
Ghost Matter

Anonymous said...

Il semble que vous soyez un expert dans ce domaine, vos remarques sont tres interessantes, merci.

- Daniel